क्या त्वचा कैंसर घातक है?HealthPlanet

Posted on Fri 9th Dec 2022 : 13:39

जब त्वचा सूरज के संपर्क में आती है, तो मेलानोसाइट्स ज्यादा पिग्मेंट बनाते हैं और त्वचा को डार्क (काला) कर देते हैं। स्किन कैंसर बेसल कोशिकाओं या स्क्वैमस कोशिकाओं में बनता है और मेलेनोमा, एक अन्य प्रकार का आम कैंसर है, लेकिन अधिक खतरनाक है।

सूरज की यूवी किरणें

सूरज की अल्‍ट्रा वायलेट (यूवी) किरणों से मेलानोमा स्किन कैंसर का सबसे ज्‍यादा खतरा रहता है। जिन लोगों की दिनचर्या ऐसी होती है कि उन्‍हें सूर्य की रोशनी में ज्‍यादा रहना पड़ता है, उन्‍हें मेलानोमा कैंसर होने का भी खतरा ज्‍यादा होता है।

तिल

शरीर पर मौजूद तिल भी मेलानोमा कैंसर का कारण हो सकते हैं। सामान्‍यतया बच्‍चे के जन्‍म के समय उसके शरीर पर तिल मौजूद नहीं होते, ये बचपन में या फिर युवावस्‍था में दिखाई देते हैं। हालांकि ज्‍यादातर मामलों में तिल से कोई खतरा नहीं होता, लेकिन यदि किसी व्‍यक्ति के शरीर पर ज्‍यादा तिल हैं तो उसे मेलानोमा का खतरा बना रहता है।

गोरी त्‍वचा, चकत्‍ता और हल्‍के बाल

अफ्रीकन लोगों के मुकाबले गोरे लोगों में मेलानोमा होने का खतरा दस गुना तक ज्‍यादा होता है। इन लोगों के लाल व भूरे कलर के बाल, ब्‍लू और ग्रीन कलर की आंखे और गोरी त्‍वचा होती है। इसलिए इनमें मेलानोमा स्किन कैंसर होने की ज्‍यादा आशंका होती है।

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